बुरांस के फूल बेहद मोहक और महकदार होते है । यह बिलकुल गुलाब की तरह नजर आते है । इसके वृक्ष को उत्तरांचल प्रदेश ने 'राज्य वृक्ष' का दर्जा दिया है, तो वहीं इसके फूलों को नागालैंड और हिमाचल प्रदेश ने 'राज्य पुष्प' के रूप में सम्मानित किया है । यह नेपाल का राष्ट्रीय पुष्प भी है । यह अनेक रंगों में पाया जाता है ।
बुरांस का वैज्ञानिक नाम रोड़ोडेंड्रान आर्बोरियम है । इसके पौधे और वृक्ष उत्तरी अर्धगोलार्ध के समशीतोष्ण भागों से लेकर शीतोष्ण और ठंडे क्षेत्रों में पाये जाते है । ये पूर्वी हिमालय, चीन और जापान से लेकर पूर्वी एशिया की पर्वत श्रृंखलाओं तक फैले हुए है । इन्हें पर्वतीय क्षेत्रों में तीन हजार मीटर तक की उंचाई वाले भागों में सरलता से देखा जा सकता है । बुरांस के पौधे ओस सहन नहीं कर पाते, किन्तु इनमे शून्य से नीचे तक तापमान सहन करने की क्षमता होती है ।
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| बुरांस के फूल |
बुरांस का वैज्ञानिक नाम रोड़ोडेंड्रान आर्बोरियम है । इसके पौधे और वृक्ष उत्तरी अर्धगोलार्ध के समशीतोष्ण भागों से लेकर शीतोष्ण और ठंडे क्षेत्रों में पाये जाते है । ये पूर्वी हिमालय, चीन और जापान से लेकर पूर्वी एशिया की पर्वत श्रृंखलाओं तक फैले हुए है । इन्हें पर्वतीय क्षेत्रों में तीन हजार मीटर तक की उंचाई वाले भागों में सरलता से देखा जा सकता है । बुरांस के पौधे ओस सहन नहीं कर पाते, किन्तु इनमे शून्य से नीचे तक तापमान सहन करने की क्षमता होती है ।
ये पौधे और वृक्ष सदाबहार और पतझड़ वालें दोनों प्रकार के होते है । अर्थात कुछ वर्ष भर हरे-भरे रहते है और कुछ की पत्तियां पतझड़ में गिर जाती है । इस सुंदर और आकर्षक पौधे के फूल अपनी सुंदरता और सुगंध के लिए विश्वविख्यात है । इनमे नील रंग को छोड़कर प्रायः लाल, गुलाबी, सफ़ेद, बैंगनी आदि अनेक रंगों के फूल खिलते है । कभी-कभी एक ही फूल में अनेक रंग देखने को मिल जाते है । सामान्यतया बुरांस के फूल वसंत में खिलतें है । किंतु कुछ जातियों में पतझड़ के अंत और गर्मियों के अंत के बीच में फूल आते है । इसकी कुछ जातियां तो ऐसी है जिन पर फूल आने में बीस वर्ष या इससे भी अधिक समय लगता है । इन पौधों और वृक्षों ने नीचे का भाग रंग-बिरंगे बाल जैसे रेशों से ढंका रहता है । ये पौधे और वृक्ष बिना फूलों के ही बहुत खुबसूरत और आकर्षक दिखाई देते है ।
बुरांस के सभी जातियों के पौधे और वृक्ष मूल रूप से जंगली होते है, और तीन हजार मीटर अथवा इससे अधिक की उंचाई वाले सभी प्रकार के पर्वतीय जंगलों में मिलते है। इसकी कुछ जातियों के वृक्ष घने जंगलों में पाए जाते है तथा पूरा-पूरा जंगल एक ही जाति के बुरांस वृक्षों से भरा होता है। किंतु बुरांस की अधिकांश जातियों के वृक्ष और पौधे छोटे होते है तथा ये विशाल, उंचे, सदाबहार वृक्षों के निचे उनकी सुरक्षा में विकसित होते है। इस प्रकार के पौधे और वृक्ष ओस से बचे रहते है। इनके लिए सूरज का सीधा प्रकाश, गर्म मौसम और तेज हवा घातक होती है। इनसे बचे रहने पर ही विकास होता है। इनके विकास के लिए पानी आवश्यक है। पर्याप्य पानी मिलने पर इसके पौधे और वृक्ष बहुत अच्छी प्रगति करते है।
बुरांस (रोडोडेंड्रोन वंश) की भारत में 100 से अधिक जातियां पाई जाती है। इनमे से कुछ जातियों के वृक्ष एक-डेढ़ मीटर उंची झाड़ी जैसे होते है और कुछ के 15-20 मीटर तक उंचे होते है। इनकी पत्तियां लगभग समान होती है, किंतु फूलों के आकार और इनके रंगों में पर्याप्त अंतर होता है। बुरांस के फूल एक नली से लेकर एक घंटी के आकार तक के हो सकते है। इनके रंग सफ़ेद, पीले, नारंगी, लाल, गुलाबी, बैंगनी आदि होते है, किंतु इनमें नीला रंग देखने को नहीं मिलता।
रोडोडेंड्रोन लेपिडोटम नामक बुरांस जाति हिमालय के पर्वतीय भागों में 2400 मीटर की ऊंचाई से लेकर 4900 मीटर तक की ऊंचाई वाले स्थानों पर पाई जाती है। इस जाति के बुरांस का वृक्ष नहीं होता, बल्कि झाड़ी होती है। इस झाड़ी की ऊंचाई दो मीटर से अधिक नहीं होती। इसे कश्मीर से लेकर दक्षिण-पूर्व तिब्बत तक देखा जा सकता है। इस पर सफ़ेद, गुलाबी, पीले और हल्के बैंगनी रंग के फूल खिलते है। फूलों के मौसम में इस बुरांस की झाड़ी पूरी तरह फूलों से ढंक जाती है।
बुरांस की एक जाति रोडोडेंड्रोन कैम्पानुलेटम 2900 से 4100 मीटर तक की ऊंचाई वाले भागों में पाई जाती है। इसे हिमालय के कश्मीर से लेकर सिक्किम तक देखा जा सकता है। बुरांस की इस जाती में वृक्ष झाड़ियां दोनों पाई जाती है। इनकी उंचाई दो मीटर से लेकर 11 मीटर तक हो सकती है। इसकी पत्तियां हरी होती है और इनकी लंबाई एक सेंटीमीटर से लेकर 18 सेंटीमीटर तक हो सकती है। इसके फूल गुलाब के समान होते है एवं इनका रंग गुलाबीपन लिए सफ़ेद होता है।
रोडोडेंड्रोन कैम्पानुलेटम की एक उपजाति है रोडोडेंड्रोन कैम्पानुलेटम एरोबिनोयम। बुरांस की इस उपजाति में केवल झाड़ियां पाई जाती है। ये झाडियां 1.8 मीटर से दो मीटर तक ऊंची होती है। इसकी पत्तियां सात सेंटीमीटर से लेकर 10 सेंटीमीटर तक लम्बी होती है और इनके उपर वाले भाग का रंग नीला होता है एवं इस पर धातुई चमक होती है। इसके फूल बड़े सुंदर होते है तथा इनका रंग गुलाबी और हल्का बैंगनी होता है।
रोडोडेंड्रोन बार्बेटम नामक बुरांस की जाति हिमालय के पर्वतीय भागों में 2400 मीटर से 3700 मीटर तक की ऊंचाई वाले भागों में पाई जाती है। इस जाति के बुरांस को उत्तरप्रदेश के पर्वतीय भागों से लेकर भूटान तक देखा जा सकता है। यह एक सीधे तने वाला छोटा वृक्ष है। इसकी ऊंचाई दो मीटर से लेकर नौ मीटर तक हो सकती है। यह सदाबहार वृक्ष है तथा इसके फूलों का रंग सिंदूरी होता है।
रोडोडेंड्रान फार्मोसेनम ताइवान का बुरांस है। इस पर सफ़ेद से लेकर गुलाबी रंग के फूल खिलते है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके फूल बहुत सुंदर होते है तथा इनकी सुगंध बुरांस के अन्य फूलों से पूरी तरह भिन्न होती है। यह जाति भारत में नहीं पायी जाती।
रोडोडेंड्रान फार्मोसेनम ताइवान का बुरांस है। इस पर सफ़ेद से लेकर गुलाबी रंग के फूल खिलते है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके फूल बहुत सुंदर होते है तथा इनकी सुगंध बुरांस के अन्य फूलों से पूरी तरह भिन्न होती है। यह जाति भारत में नहीं पायी जाती।
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